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फूड 2019-01-22

सरकार ने गूगल और फेसबुक से 'फेक कंटेंट' हटाने को कहा

आईटी मंत्रालय ने कहा कि FSSAI ने ऐसे उदाहरणों को संज्ञान में लिया है जहां भोजन की क्वालिटी के बारे में गलत सूचना फैलाने के लिए इंटरनेट प्लेटफॉर्मों का इस्तेमाल किया गया था।

सरकार ने गूगल और फेसबुक से 'फेक कंटेंट' हटाने को कहा

आईटी मंत्रालय ने गूगल और फेसबुक से 'गलत और दुर्भावना पूर्ण' कंटेंट को हटाने के लिए कहा है। साथ ही इन दिग्गज कंपनियों से वो सभी कंटेंट हटाने की मांग की है जो भारत में खाने की क्वालिटी के बारे में गलत जानकारी फैला रहे हैं।

मंत्रालय ने इस बात का भी उल्लेख किया कि 'फर्जी' सूचना खाद्य सुरक्षा के साथ काम करने वाले संस्थानों में जनता के विश्वास को खत्म कर रही है।

इतना ही नहीं मंत्रालय ने इन सभी कंटेंट को तुरंत हटाने और उन लोगों का अकाउंट ब्लॉक करने को कहा जो ऐसी वीडियोज़ अपलोड करते हैं।

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के सीईओ पवन अग्रवाल ने आईटी सेक्रेटरी अजय प्रकाश साहनी से इस बारे में शिकायत की थी जिसके बाद इस आदेश का पालन किया जा रहा है।

तकनीकी दिग्गजों को मेल किया गया है जिसमें लिखा है, 'हमारे संज्ञान में आया है कि कुछ गलत लोग भारत में उपलब्ध खाने की सुरक्षा और क्वालिटी के बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को गलत तरीके से इस्तेमाल करते हुए वहां नकली, आपत्तिजनक, गलत और दुर्भावना पूर्ण वीडियो अपलोड कर रहे हैं।'

अधिकारी ने कहा, 'इस तरह की फर्जी और दुर्भावना पूर्ण वीडियो भारत में उन संस्थानों के बारे में लोगों का विश्वास खत्म कर रही है जो पूरी लगन के साथ अपना काम कर रहे हैं।'

आईटी मंत्रालय ने कहा कि FSSAI ने ऐसे उदाहरणों को संज्ञान में लिया है जहां भोजन की क्वालिटी के बारे में गलत सूचना फैलाने के लिए इंटरनेट प्लेटफॉर्मों का इस्तेमाल किया गया था।

आईटी मंत्रालय का कहना है, 'प्लास्टिक के अंडे, प्लास्टिक के चावल, दूध में मेलामाइन जैसे कुछ उदाहरण हैं जो लोगों में झूठा डर पैदा कर रहे हैं। एक विशेष फर्जी वीडियो जो दूध में मेलामाइन की उपस्थिति से संबंधित थी, वह सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। जिसमें दुर्भावना पूर्ण रूप से यह अनुमान लगाया गया था कि FSSAI ने दूध में मेलामाइन के इस्तेमाल की अनुमति दी थी।'

मंत्रालय ने ऐसे कंटेंट को अपलोड होने से रोकने के लिए इन कंपनियों को उनकी यथोचित लगन के हिस्से के रूप में एक प्रणाली गठित करने को भी कहा है।

पवन अग्रवाल ने कहा, 'ये हमारे फूड सिस्टम और फूड बिजनेस में वैश्विक विश्वास को भी खत्म कर रही है और संभावित रूप से दूरगामी सार्वजनिक स्वास्थ्य, सामाजिक और व्यापारिक अनुमान है। उन्होंने ये भी कहा कि कंपनी को एक नोडल अधिकारी नियुक्त करना चाहिए जिससे कि वे तुरंत ये मुद्दे ले सकें और इनका समाधान कर सकें।'

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